totke ! vashikaran totka ! tona totka नारियलका महत्वपूर्ण स्थान क्या है
- प्रत्येक धर्म में नारियल
- का महत्वपूर्ण स्थान है।
- किसी भी देवी-
- देवता की पूजा नारियल के
- बिना अधूरी मानी जाती है।
- क्या आप जानते हैं
- कि नारियल खाने से शारीरिक दुर्बलता दूर
- होती है एवं भगवान को नारियल चढ़ाने से धन
- संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
- सौभाग्य का प्रतीक है नारियल
- नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है।
- ऐसा माना जाता है, जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर
- अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें-
- लक्ष्मी, नारियल का वृक्ष तथा कामधेनु लाए।
- इसलिए नारियल के वृक्ष को कल्पवृक्ष भी कहते
- है। नारियल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश
- तीनों ही देवताओं का वास माना गया है। श्रीफल
- भगवान शिव का परम प्रिय फल है। नारियल में
- बनी तीन आंखों को त्रिनेत्र के रूप में
- देखा जाता है।
- नारियल के संबंध में एक अनिवार्य परंपरा यह है
- कि स्त्रियां नारियल नहीं फोड़ती हैं। क्या आप
- जानते हैं इस परंपरा के पीछे
- का रहस्य,
- यह है की नारियल
- बीज रूप है, इसलिए इसे उत्पादन (प्रजनन) क्षमता से
- जोड़ा गया है। स्त्रियां प्रजनन की कारक हैं और इसी वजह से
- स्त्रियों के लिए बीज रूप नारियल को फोड़ना वर्जित
- किया गया है। देवी-देवताओं को श्रीफल चढ़ाने के बाद पुरुष
- ही इसे फोड़ते हैं। नारियल से निकले जल से भगवान
- की प्रतिमाओं का अभिषेक भी किया जाता है।
- बलि का प्रतीक
- आमतौर पर नारियल को बधार कर (फोड़कर) ही देवी-देवताओं
- को चढ़ाते हैं। देवताओं को खुश करने के लिए बलि देने
- की परंपरा थी, जब इस परंपरा पर कानूनी रोक लगी तो लोगों ने
- नारियल को बलि का बकरा बना दिया।
- कैलोरी से भरपूर है नारियल
- - नारियल की तासीर ठंडी होती है।
- - ताजा नारियल कैलोरी से भरपूर होता है। इसमें अनेक पोषक
- तत्व होते हैं।
- - नारियल के कोमल तनों से जो रस निकलता है उसे
- माड़ी (नीरा) कहते हैं उसे लज्जतदार पेय माना जाता है।
- - सोते समय नारियल पानी पीने से नाड़ी संस्थान को बल
- मिलता है तथा नींद अच्छी आती है।
- - इसके पानी में पोटेशियम और क्लोरीन होता है जो मां के दूध
- के समान होता है।
- - नारियल कठिनता से पचने वाला, वातशोधक, विष्टïम्भी,
- पुष्टिïकारक, बलव
- उत्तम औषधि: नारियल की गिरी
- - जिन शिशुओं को दूध नहीं पचता उन्हें दूध के साथ नारियल
- पानी मिलाकर पिलाना चाहिए।
- - शिशु को डि-हाइड्रेशन होने पर नारियल पानी में नीबू का रस
- मिलाकर पिलाएं। नरियल का पानी हैजे में रामबाण औषधि है।
- - नारियल की गिरी (खोपरा) खाने से कामशक्ति बढ़ती है।
- - मिश्री के साथ खाने से गर्भवती स्त्री की शारीरिक
- दुर्बलता दूर होती है तथा बच्चा सुंदर होता है।
- - सूखी गिरी खाने से आंख की रोशनी तथा गुर्दांे के
- शक्ति मिलती है।
- - पौष, माघ और फाल्गुन माह में नियमित सुबह गिरी के साथ
- गुड़ खाने से वक्षस्थल में वृद्धि होती है, शारीरिक दुर्बलता दूर
- होती है।
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-------------- - १. क्रोध शांति हेतु
- जिन्हे बहुत अधिक क्रोध आता हो वे नित्य रात्रि में सोते समय एक
- ताम्बे के लोटे में जल भर दे और उसमे एक
- चाँदी का सिक्का डाल दे.प्रातः मुह आदि धोकर इस जल
- का सेवन करे.धीरे धीरे क्रोध में
- कमी आ जायेगी और आपका स्वभाव सोम्य
- होने लगेगा।
- २. नकारत्मक ऊर्जा को दूर करने हेतु
- यदि आप सदा मानसिक तनाव में रहते है.नित्य बुरे स्वप्न आते
- है.छोटी छोटी बाते आपको अधिक विचलित कर
- देती है.अकारण भय लगता रहता है तो ,रात्रि में सोते
- समय अपने तकिये के निचे एक
- छोटा सा फिटकरी का टुकड़ा रख ले.और सुबह उठकर उसे
- अपने सर से तीन बार घुमाकर घर के बहार फेक
- दे.सतत कुछ दिनों तक करे अवश्य लाभ होगा।
- ३.गृह कलह निवारण एवं शुद्धि हेतु
- यदि निरंतर घर में कलह का वातावरण
- बना रहता हो,अशांति बनी रहती हो.व्यर्थ
- का तनाव बना रहता हो तो.थोड़ी सी गूगल
- लेकर " ॐ
- ह्रीं मंगला दुर्गा ह्रीं ॐ " मंत्र
- का १०८ बार जाप कर गूगल को अभी मंत्रित कर दे और
- उसे कंडे पर जलाकर पुरे घर में घुमा दे.ये सम्भव न हो तो गूगल ५
- अगरबत्ती पर भी ये प्रयोग
- किया जा सकता है.घर में शांति का वातावरण बनने लगेगा।
- ४.स्मरण शक्ति हेतु
- यदि आपकी स्मरण शक्ति तीव्र
- नहीं है,तो किसी भी सोमवार
- को शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करे.अभिषेक करते समय
- ॐ नमः शिवाय का जाप करते जाये और एक एक चम्मच
- शहद शिवलिंग पर अर्पित करते जाये इस प्रकार १०८ बार करे.फिर
- इस शहद को किसी डिब्बी में सुरक्षित रख
- ले.अब नित्य थोडा शहद लेकर १०८ बार " ऐं " बीज
- मंत्र का जाप करे और शहद अभी मंत्रित कर ले.इस
- शहद को स्वयं ग्रहण कर ले.तथा थोडा सा शहद मस्तक पर
- लगाये।धीरे धीरे आप स्वयं अनुभव करेंगे
- कि आपकी स्मरण शक्ति में सुधार हो रहा है.
- ५. अनिद्रा दूर करने हेतु
- यदि आपको अनिद्रा कि समस्या है तो रात्रि में सोने से पूर्व "
- ॐ
- क्लीं शांता देवी क्लीं नमः "
- का माँ दुर्गा का ध्यान करते हुए १०८ बार जाप करे और सो जाये।
- धीरे धीरे आपकी ये
- समस्या का भी अंत हो जायेगा।
- ६. धन वृद्धि हेतु
- यदि धन में वृद्धि ना हो रही हो,साथ
- ही व्यर्थ का व्यय बढ़ता जा रहा हो तो शुक्रवार को १६
- कमलगट्टे को शुद्ध घृत में मिलाकर अग्नि में " ॐ
- श्रीं स्थिर लक्ष्मी श्रीं वरदायै
- नमः " मंत्र से आहुति प्रदान करे.कुछ शुक्रवार करे और परिणाम
- स्वयं देखे।इसी मंत्र के मध्यम से
- अघोरी अपने जीवन में
- लक्ष्मी को बांध देते है.रस क्षेत्र में
- भी इस मंत्र का अत्यंत महत्व है,जिसमे कुछ
- विधि या साधना करके लक्ष्मी को सदा सदा के लिए घर में
- स्थिर किया जा सकता है.परन्तु ये रस तंत्र का विषय है तो इस पर
- चर्चा फिर कभी होगी।
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---------- - झाड़ू
- -विद्वानों के अनुसार झाड़ू पर पैर लगने से महालक्ष्मी का अनादर होता है। झाड़ू घर का कचरा बाहर करती है और कचरे को दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। जिस घर में पूरी साफ-सफाई रहती है वहां धन, संपत्ति और सुख-शांति रहती है। इसके विपरित जहां गंदगी रहती है वहां दरिद्रता का वास होता है। ऐसे घरों में रहने वाले सभी सदस्यों को कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण घर को पूरी तरह साफ रखने पर जोर दिया जाता है ताकि घर की दरिद्रता दूर हो सके और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सके।
- ——-घर से दरिद्रता रूपी कचरे को दूर करके झाड़ू यानि महालक्ष्मी हमें धन-धान्य, सुख-संपत्ति प्रदान करती है। जब घर में झाड़ू का कार्य न हो तब उसे ऐसे स्थान पर रखा जाता है जहां किसी की नजर न पड़े। इसके अलावा झाड़ू को अलग रखने से उस पर किसी का पैर नहीं लगेगा जिससे देवी महालक्ष्मी का निरादर नहीं होगा।
- ——-यदि भुलवश झाड़ू को पैर लग जाए तो महालक्ष्मी से क्षमा की प्रार्थना कर लेना चाहिए।जब घर में झाड़ू का इस्तेमाल न हो, तब उसे नजरों के सामने से हटाकर रखना चाहिए।ऐसे ही झाड़ू के कुछ सतर्कता के नुस्खे अपनाये गये उनमें से आप सब के समक्ष है जैसे :-
- - —-झाड़ू को कभी भी खड़ा नहीं रखना चाहिए।
- —– ध्यान रहे झाड़ू पर जाने-अनजाने पैर नहीं लगने चाहिए, इससे महालक्ष्मी का अपमान होता है।
- - —-झाड़ू हमेशा साफ रखें ,गिला न छोडे ।
- - —–ज्यादा पुरानी झाड़ू को घर में न रखें।
- —– झाड़ू को कभी घर के बाहर बिखरकर न फहके ,जलाना नहीं चाहिए।
- —– शनिवार को पुरानी झाड़ू बदल देना चाहिए।
- —– सपने मे झाड़ू देखने का मतलब है नुकसान
- —— घर के मुख्य दरवाजा के पीछे एक छोटी झाड़ू टांगकर रखना चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
- —-पूजा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में झाडू व कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में बरकत नहीं रहती है इसलिए वास्तु के अनुसार अगर संभव हो तो पूजा घर को साफ करने के लिए एक अलग से साफ कपड़े को रखें।
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