kahani ! kahaniyan ! hindi kahani ! ki kahani ! नामची में चारधाम

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इसे सिक्किम में सिद्धेश्वर धाम कहा जाता है, जिसमें शिव की 108 फीट ऊंची प्रतिमा है, 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृति और पवित्र चारधाम के मॉडल हैं।


नामची सिक्किम में सोलोफोक पहाड़ी पर चारधाम


नामची सिक्किम प्रदेश में सोलोफोक पहाड़ी पर स्थित चारधाम भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की एक ही जगह समेट कर पर बनायी गयी प्रतिकृति है। यहां पर भारत के चारों कोनों में स्थित चार धाम, जैसे रामेश्वरम, सोमनाथ, पुरी और बद्रीनाथ और पूरे भारतखंड में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग शामिल हैं। सिद्धेश्वर धाम के नाम से जाने इस स्थल के आकर्षण का शिखर बिन्दु भगवान शिव की ऊँची-लंबी प्रतिमा है।

 

दक्षिण सिक्किम में बसा हुआ, सिक्किम के दक्षिण जिले का जिला मुख्यालय होने के बावजूद नामची एक छोटा सा शहर है। रंगीत नदी के किनारे बसे बाईगुने में कुछ सुंदर दिन बिताने के बाद हम नामची की ओर बढ़े। हमारे लिए नामची के दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण यहां की सोलोफोक पहाड़ी पर स्थित चारधाम या सिद्धेश्वर धाम था। हमसे एक दिन पहले जो लोग पहाड़ी का दौरा कर आए थे उनसे हमने इस तीर्थ स्थल के बारे में बहुत सुना था। हम वहाँ के नवनिर्मित परिसर, जो सिक्किम पर्यटन का पसंदीदा गंतव्य बन चुका था, को देखने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित थे।


नामची सिक्किम के सोलोफोक पहाड़ी का इतिहास

महाकाव्य महाभारत में एक ऐसा अध्याय है जहां पर अर्जुन शिव भगवान से पशुपतिअस्त्र प्राप्त करने के लिए कड़ी तपस्या करते हैं। जब शिवजी उनके समर्पित धीरज से प्रसन्न हुए, तो उन्होंने अर्जुन के समुख प्रकट होकर उन्हें पशुपतिअस्त्र का वरदान दे दिया। कहा जाता है कि यह प्रकरण नामची की सोलोफोक पहाड़ी पर घटित हुआ था। मैंने धार्मिक सिक्किम पर एक किताब पढ़ी थी जिसके अनुसार, अर्जुन को पशुपतिअस्त्र का आशीर्वाद देने के लिए इस पहाड़ी पर शिव भगवान के अवतरण की खुशी मनाने के प्रतीक स्वरूप चारधाम का परिसर बनवाया गया था। इस परिसर का उद्घाटन नवंबर 2011 में श्री जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज और अनेकों धार्मिक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्राण प्रतिष्ठान के साथ हुआ।


ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण मेघ हमेशा इस अद्वितीय तीर्थ यात्रा का हिस्सा बनते हैं। इन बादलों के बीच से गुजरते हुए आप मंदिरों और भगवान शिव की मूर्ति को बादलों के बीच से उभरते हुए देख सकते हैं, जो आपको एक झलक देकर वापस बादलों के बीच खो जाते हैं। ऐसा प्रतीत होता है, मानो भगवान आपको दूसरे कामों के लिए आगे बढ़ने से पहले दर्शन दे रहे हैं। अगर बादल इस जगह को थोडा फीका बनाते हैं, तो यहाँ के फूल अपने रंगों की जीवंतता से पूरे वातावरण में खुशी भर देते हैं। चारों ओर इतने सुंदर पहाड़ी फूल हैं कि हम रास्ते में रुक-रुक कर उनकी तस्वीरें खिचते रहे।


नामची सिक्किम में चारधाम का परिसर

नामची के चारधाम परिसर का केंद्रीय आकर्षण 87 फीट ऊँची शिव मूर्ति है जो पहाड़ी के शिखर पर स्थित है। यहां से शिव भगवान पूरे चारधाम परिसर और उसके चारों ओर की घाटियों की निगरानी करते हैं। यह मूर्ति पहाड़ी के पश्चिमी छोर पर पूर्वी दिशा की ओर मुख किए स्थित है। यह मूर्ति 12 ज्योतिर्लिंगों से घिरी है।यह 12 प्रसिद्ध शिव मंदिर पूरे भारत के धार्मिक भूगोल पर फैले हैं। यहां का हर एक शिवलिंग अपने मूल जगह पर स्थापित शिवलिंग की सटीक प्रतिकृति है। हर हर महादेव 🔱 🐍 🚩 🙏

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