Jiven me dhan ki jarurt kio hoti hai

 Jiven me dhan ki jarurt kio hoti hai

जीवन में धन की आवश्यकता क्यो 

जीवन में धन की आवश्यकता क्यो


धन की समस्या समस्त व्यक्तियों के सामने प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है। जीवन में धन की आवश्यकता क्यो ? व्यक्ति की आवश्यकतायें बढ़ी हैं तथा आवश्यकताओं से अधिक उसके व्यर्थ के खर्चे बढे हैं। इन सभी की पूर्ति के लिये धन की आवश्यकता से इन्कार नहीं किया जा सकता। व्यक्ति कभी भी आकस्मिक घटनाओं अथवा दुर्घटनाओं के लिये तैयार नहीं होता है। इसलिये जब कभी अनापेक्षित एवं अनायास किसी प्रकार की घटना अथवा दुर्घटना का सामना करना पड़ता है तो अनेक समस्याओं के साथ-साथ धन सम्बन्धी समस्या भी उभर कर सामने आती है। 


इसमें किसी गम्भीर रोग को लिया जा सकता है अथवा किसी दुर्घटना को भी देखा जा सकता है। इनमें धन किस मात्रा में खर्च में होगा, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता किन्तु जितना खर्च होना होता है उतने की व्यवस्था करनी ही पड़ती है। प्रायः इतना धन आम व्यक्ति के पास हर समय उपलब्ध नहीं होता है। उपरोक्त स्थितियों में धन की व्यवस्था करने की समस्या सामने आ खड़ी होती है।


अपने उत्तरदायित्वों को पूरा करने में भी धन की आवश्यकता रहती है। अपने बेटे अथवा बेटी का विवाह करना हो अथवा मकान लेना हो अथवा मकान का निर्माण करवाना हो अथवा अन्य किसी भौतिक सुविधा के साधनों के ऊपर खर्च करना हो, इन सभी के लिये अत्यधिक मात्रा में पैसा चाहिये। यह ऐसे खर्चे हैं जिनसे बचा नहीं जा सकता। ऐसी स्थितियों में अधिकांशतः आम व्यक्तियों के सामने यह समस्या आ जाती है कि इतने धन की व्यवस्था कैसे की जाये ?


इसके अतिरिक्त एक अन्य स्थिति को भी देखना चाहिये, जो धन सम्बन्धी समस्या को उत्पन्न करती है। यह समस्यायें व्यवसाय से सम्बन्धित हो सकती हैं, जिसमें अचानक रूप व्यवधान उत्पन्न होने लग जाता है। जैसे- किसी व्यक्ति का चलता व्यवसाय रुक जाये अथवा व्यवसाय में घाटा हो जाये अथवा किसी कारण से व्यक्ति को नौकरी से निकाल दिया जाये अथवा कुछ समय के लिये नौकरी से निलम्बित कर दिया जाये। इन स्थितियों में धन का आगमन तो कम हो जाता है, किन्तु खर्चे उतने ही रहते हैं। इस स्थिति में भी धन की आवश्यकता रहती है।


इस प्रकार की स्थितियां अथवा इस से मिलती जुलती अन्य अनेक स्थितियां धन के बारे में गम्भीरता से विचार करने को बाध्य करती हैं। ऐसे में यह विचार उत्पन्न इस प्रकार की स्थितियां अथवा इससे मिलती-जुलती अन्य अनेक स्थितियां धन होता है कि जिस धन की आवश्यकता है उसे कैसे प्राप्त किया जाये ? 


हमारे विद्वान ऋषि-महर्षियों ने किसी भी समस्याओं के समाधान के अनेक उपाय एवं मार्ग बताये हैं। धन सम्बन्धी समस्याओं के लिये भी ऐसे चमत्कारिक उपयोगी तथा अनुभूत उपाय हैं जिनका प्रयोग करने से धन प्राप्ति के मार्ग में आने वाली बाधायें समाप्त होने लगती हैं। प्रायः धन सम्बन्धी जितने भी प्रयोग हम करते हैं उसमें लक्ष्मी जी का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। लक्ष्मी जी को धन की देवी माना जाता है। इसलिये धन सम्बन्धी जो भी उपाय किये जाते हैं उसमें लक्ष्मी जी की साधना-पूजा अवश्य की जाती है। 


ऐसे में यह विचारणीय है कि लक्ष्मी जी की साधना किस प्रकार से की जाये तथा धन प्राप्त करने के लिये ऐसे क्या विशेष उपाय किये जायें जिससे धन की प्राप्ति सम्भव हो सके। अनेक पाठक आज भी यह जानने के इच्छुक रहते हैं कि उन्हें धन की प्राप्ति पूरी तरह क्यों नहीं हो पाती अथवा वे जो उपाय करते हैं वे फलीभूत क्यों नहीं हो पाते ? ऐसी अन्य अनेक बातें हैं जिसके बारे में पाठक हमेशा जानने को उत्सुक रहते हैं।


धन का महत्त्व प्राचीनकाल से ही बना हुआ है। इसका कारण यह है कि धन के बिना किसी भी कार्य को ठीक से प्रकार से सम्पन्न नहीं किया जा सकता। इस दृष्टि से व्यक्ति के साथ अन्य अनेक समस्याओं के अलावा धन सम्बन्धी समस्या प्राचीनकाल से ही जुड़ी हुई है। इन समस्याओं के समाधान के बारे में शास्त्रों में अनेक उल्लेख प्राप्त होते हैं तथा हमरे विद्वान ऋषि-महर्षियों ने भी हमारा मार्गदर्शन किया है। इन सबको साथ लेकर धनदायक सरल प्रयोग इन्दरजाल  मे बताए गए है 


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