Dhan kamane ke totke kab kre

 Dhan kamane ke totke kab kre

 धन सम्बन्धी उपाय कब करें?  

धन सम्बन्धी उपाय कब करें


धन सम्बन्धी उपाय कब करें धनदायक सरल प्रयोग इन्दरजाल में धन प्राप्त करने से सम्बन्धित जितने भी उपाय उन सभी में लक्ष्मी जी की पूजा का विवरण आया है। हम सभी मानते हैं कि लक्ष्मी जी धन की देवी हैं और धन से सम्बन्धित उपायों में उनकी पूजा आवश्यक है। लक्ष्मी जी की पूजा का श्रेष्ठ समय दीपावली को माना गया है। इसलिये इस इन्दरजाल  में धन प्राप्त करने सम्बन्धी अनेक उपायों के बारे में यह लिखा है कि इस उपाय को दीपावली पर लक्ष्मी पूजा के साथ अथवा बाद में करें।


 ऐसा इसलिये लिखा गया है कि दीपावली के समय लक्ष्मी प्राप्ति के प्रयोग किये जाते हैं, उनका फल अवश्य एवं तुरन्त प्राप्त होता है। इससे अनेक पाठकों को यह भ्रम हो सकता है कि इस इन्दरजाल  में जो उपाय दिये गये हैं, उनका प्रयोग केवल दीपावली पर ही किया जाना है। धन के बारे में आम पाठक यह मानते हैं कि उन्हें जीवन में कभी भी धन सम्बन्धी समस्या आ सकती है, इसलिये धन प्राप्त करने के लिये दीपावली के अतिरिक्त अन्य किन अवसरों पर अथवा किन दिवसों में उपाय कब किये जायें ? पाठकों की सुविधा के लिये आपको बताया जा रहा है कि अगर आप दीपावली पर ऐसा कोई उपाय करते हैं तो आपके लिये यह अवसर सर्वश्रेष्ठ होगा अन्यथा वर्ष में आप कभी भी अथवा जब भी आवश्यकता महसूस करें, 


तब यह उपाय कर सकते हैं। जैसा कि विभिन्न समस्याओं के लिये विशेष अवसरों पर किये जाने वाले उपाय शीघ्र फलीभूत होते हैं, उसी प्रकार से धन सम्बन्धी उपाय भी कुछ विशेष अवसरों पर किये जायें तो उनका फल तुरन्त प्राप्त होता है। इन अवसरों के अतिरिक्त भी जब कभी उपाय किये जाते हैं तो उनमें भी लाभ प्राप्त होगा। विशेष अवसरों के रूप में दीपावली के अतिरिक्त होली एवं नवरात्र को प्रमुख माना गया है। इसके अतिरिक्त शुक्लपक्ष के किसी भी शुक्रवार को आप धन प्राप्ति सम्बन्धी उपाय कर सकते हैं। इसके पश्चात् भी यदि आप चाहे तो विद्वान ज्योतिषी से उपाय से सम्बन्धित शुभ मुहूर्त ज्ञात करके उपाय सकते हैं।


अधिकांश पाठकों को यह जानकारी नहीं होगी कि नवरात्रि पर भी माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करके धन प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। यह उपाय वर्ष में आने वाले चार नवरात्रों में से कभी भी कर सकते हैं। इन नवरात्रों में दो गुप्त नवरात्र, एक शारदीय नवरात्र तथा एक चैत्र के नवरात्र होते हैं। इन नवरात्रों में आप चन प्राप्त करने सम्बन्धी उपाय कर सकते हैं। इस इन्दरजाल  में नवरात्र में किये जाने वाले उपायों पर एक अध्याय विशेष रूप से दिया गया है।



एक बात पुनः सभी पाठकों को बता देना चाहता है कि इस इन्दरजाल  में धन सम्बन्धी जो भी उपाय दिय गये हैं, उन्हें लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्ति के साथ जोड़ कर देखा गया है, इसलिये अनेक उपायों में दीपावली का उल्लेख किया गया है। इससे आप यह विचार बिलकुल नहीं करें कि उपाय केवल दीपावली को ही करना है और दीपावली अभी बहुत दूर है। इस भ्रम को आप तुरन्त ही दूर कर लें। आप दीपावली है के अतिरिक्त भी ऊपर बताये गये दिवसों पर लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय कर सकते हैं।


 हमारे यहां एक विशेष बात है जो अन्य धर्मों में कम ही देखने को मिलती है। वह यह है कि संकट की स्थिति में हम जब भी अपने ईश्वर को मदद के लिये पुकारते हैं, तो वे अवश्य ही हमारी मदद करते हैं। इसलिये वर्ष में जब आप धन सम्बन्धी किसी समस्या का अनुभव करें तो अवश्य लक्ष्मी जी को पुकार लगायें, वे अवश्य आपकी पुकार को सुनेंगी और अपना आशीर्वाद देकर आपकी धन सम्बन्धी समस्या को दूर कर देंगी। लक्ष्मी जी तक अपनी पुकार को पहुंचाने के लिये धन (लक्ष्मी) सम्बन्धी कोई भी उपाय करना होगा। इन उपायों के माध्यम से ही आपकी पुकार लक्ष्मी जी तक पहुंचती है, इसलिये यह आवश्यक है कि जब भी आप कोई उपाय करें तो पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ करें, तभी आपको शीघ्र फल की प्राप्ति होगी। आडम्बर से भरपूर और विशाल स्तर पर की गयी आस्था एवं श्रद्धाहीन पूजा का फल कभी प्राप्त नहीं होता है। इसका विशेष ध्यान रखें।


होली, ग्रहणकाल को भी लक्ष्मी प्राप्ति के लिये किये गये जाने वाले उपायों के लिये श्रेष्ठ दिवस माना गया है। अगर आप किसी कारण से दीपावली अथवा नवरात्र को उपाय नहीं कर पाते हैं तो उपरोक्त दिवसों पर भी कर सकते हैं। इन अवसरों पर जब आप उपाय करते हैं तो दान अवश्य करें, यह आपकी श्रद्धा पर है कि आप कितना दान करते हैं। दान के पश्चात् उपाय का फल शीघ्र प्राप्त होगा,  इन सबके अलावा शुक्लपक्ष के किसी भी प्रथम शुक्रवार को भी आप उपाय कर सकते हैं। इन दिवसों में की गई लक्ष्मी साधना तथा उपायों का लाभ आपको अवश्य मिलेगा,  धन सम्बन्धी आप कोई भी उपाय कभी भी करें, 


इसमें विधि वही रहेगी, जो इस इन्दरजाल  में बताई गई है। उपायों में आपको केवल इतना ध्यान रखना है कि काम में आने वाली सामग्री शुद्ध हो। इसमें अगर कोई सामग्री उपलब्ध न हो तो, जो उपलब्ध हो, उसी का प्रयोग करें। बस, इतना ध्यान रखें कि उपाय करते समय आपका मन शुद्ध और शांत हो और फल प्राप्ति के प्रति पूर्ण आशावान भी हों। आप जो भी उपाय करेंगे, माँ लक्ष्मी अवश्य प्रसन्न होंगी और आपकी मनोकामनाओं को पूरा करते हुये आपको भरपूर सुख-समृद्धि प्रदान करेंगी।


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