होली पर किये जाने वाले धन प्राप्ति के उपाय
अभी तक आपने दीपावली पर माँ लक्ष्मी को कैसे प्रसन्न करें, इसके अनेक उपाय जान लिये है। इय अध्याय में आपको मैं कुछ ऐसे उपाय बता रहा हूं जिनको आप होली पर किये जाने वाले धन प्राप्ति के उपाय करके माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करके माँ की स्थाई कृपा प्राप्त कर सकते हैं। वैसे अभी तक आपने कभी ऐसा अध्याय नहीं देखा होगा कि होली पर भी माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की जा सकती है परन्तु यही हमारी विशेषता है कि हम अपने सुधि पाठकों को सदैव वही सामग्री उपलब्ध करवाते हैं जिनसे हमारे पाठक लाभान्वित हो सकें। अभी तक प्रत्येक पुस्तक में आपने परम्परागत तरीके से केवल दीपावली पर ही माँ लक्ष्मी की प्रसन्नता के उपाय जाने होंगे। होली पर आगे दिये जा रहे उपायों में से कोई भी उपाय करके आप लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं
> यदि आप आर्थिक संकट में हैं तो होली की रात्रि में यह उपाय अवश्य करें। इस उपाय के प्रभाव से आप कभी भी आर्थिक समस्या में नहीं आयेंगे। होली की रात्रि में सर्वप्रथम निवास के पूजा स्थल में माँ लक्ष्मी की तस्वीर के समक्ष रोली में लाल गुलाल मिला कर माँ को तिलक करें। माँ लक्ष्मी का कोई भी मंत्र 11 बार मानसिक रूप से अवश्य जपें। तत्पश्चात् निवास अथवा व्यवसाय स्थल की एक कील के ऊपर कलावा बांध कर जिस स्थान पर होली जलनी है, वहां मिट्टी में दबा दें। अगले दिन उस कील को निकाल कर मुख्यद्वार के बाहर की मिट्टी में दबा दें। इस उपाय के प्रभाव से आपके निवास अथवा प्रतिष्ठान में कोई भी नकारात्क शक्ति का प्रवेश नहीं होगा। जब नकारात्मक ऊर्जा नहीं होगी तो फिर माँ लक्ष्मी का प्रवेश भी आसानी से ही होगा और आप कभी आर्थिक संकट में भी नहीं आयेंगे।
विशेष- यदि कील को होली जलने वाले स्थान में दबाना सम्भव नहीं हो तो इसे आप दूसरे रूप में भी आसानी से कर सकते हैं। इसमें कील की व्यवस्था पूर्वानुसार ही करें। जब होली जल जाये तो उसकी राख लाकर किसी मिट्टी के पात्र में रख कर इस राख के नीचे कील को दबा दें। इसमें ध्यान रखने वाली बात यह है। कि होली की राख आपको अपने घर से बाहर ही किसी सुरक्षित स्थान पर रखनी है। दूसरे दिन राख में से कील निकाल ले और पूर्व में इसका जो प्रयोग बताया गया है, उसी अनुसार करें। होली की राख को जल में प्रवाहित कर दें।
> आप पर यदि किसी प्रकार का कोई कर्ज अथवा आय में किसी प्रकार की कमी है तो आप होली की रात्रि में यह उपाय करके माँ लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकते हैं। आपके निवास के पास जिस स्थान पर होली जलनी हो, उस स्थान पर आप एक छोटा सा गड्ढा खोद कर उसमें पांच अभिमंत्रित गोमती चक्र व इतनी ही धनकारक कौड़ियां दबा दें। साथ में हरे गुलाल से उस गड्ढे को भर कर ऊपर से मिट्टी से पूर दें। गड्ढे के ऊपर एक पान का पत्ता रख कर उस पर पीला गुलाल, एक कोई सिक्का एक छोटी सी कील एवं एक सुपारी रख दें। अब जब होली जले तब आप एक पान के पत्ते पर एक बताशा, एक जोड़ा घी में डुबो कर लौंग, एक बड़ी इलायची, काले तिल, पीली सरसों, एक सुपारी व एक गुड़ की डली रख कर पीला गुलाल छिड़क दें। इसे एक अन्य दूसरे पान के पत्ते से ढक दें और उस पर सात गोमती चक्र रखें। अब आप होलिका की सात परिक्रमा देते हुये प्रत्येक प्ररिक्रमा में निम्न मंत्र जाप कर एक गोमती चक्र होली में डालते जायें। मंत्र
फट् फ्रीं फ्रीं अमुक कर्ज विनश्यते फट् स्वाहा।
यहां पर अमुक के स्थान पर कर्जदार का नाम लें। परिक्रमा पूर्ण होने पर प्रणाम कर वापिस आ जायें। अगले दिन होली जलने के स्थान पर जाकर सर्वप्रथम गड्ढे के निकट तीन अगरबत्ती दिखा कर गड्ढे में से सारी सामग्री निकाल लें। यद्यपि कुछ सामग्री जैसे सुपारी आदि जल भी सकती है। आप सामग्री के साथ उस स्थान की थोड़ी मिट्टी भी ले लें और फिर सारी सामग्री और मिट्टी को किसी नीले रंग के वस्त्र में लाल गुलाल के साथ बांध कर पोटली का रूप देकर किसी तीव्र प्रवाह के जल में प्रवाहित कर दें। कुछ ही समय में कर्जमुक्ति के मार्ग निर्मित होने लगेंगे, साथ ही माँ लक्ष्मी की आप पर कृपा भी अवश्य ही होगी।
विशेष- होली जलने के बाद वहां दबी सामग्री आपको दूसरे दिन शायद वहां मिल नहीं पाये अथवा आप उन्हें वहां से प्राप्त न कर सकें। ऐसी स्थिति में परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आप दूसरे दिन केवल होली की राख प्राप्त करें। जो सामग्री आपने पहले दिन दबाई थी अर्थात् पांच धनकारक कौड़ियां तथा पांच गोमती चक्र होली की राख में रख कर शेष प्रयोग ऊपर बताये अनुसार करें अर्थात् अन्य सामग्री रखकर पोटली बनायें और जल में प्रवाहित कर दें।
> यदि आपको लगता है कि आप मेहनत तो बहुत करते हैं परन्तु आपकी आय कम है और आय में वृद्धि भी नहीं हो रही है तो होली की रात्रि में यह उपाय करें। होली से पहले किसी सुनार से मिल कर उससे अपनी मध्यमा अंगुली के माप के छल्ले के लिये आप 50 प्रतिशत चांदी, 30 प्रतिशत लोहा एवं 20 प्रतिशत पीतल के अनुसार तीनों ध तुयें लें। अब होली जलने से पहले आपके निवास के पास जिस स्थान पर होली जलती है, उसके ईशान क्षेत्र में एक छोटा सा गड्ढा खोदें तथा उसमें लाल गुलाल के साथ लाई गई तीनों धातुयें दबा दें। साथ में 11 लौंग भी दबायें। अब गड्ढे को मिट्टी से पूर कर उसके ऊपर पीले गुलाल से स्वस्तिक का चिन्ह बना दें और होलिका पूजन पूर्ण विधि से करके प्रणाम कर आ जायें। अब आप पुनः जब होलिका दहन हो जाये तो एक पान के पत्ते पर कर्पूर, थोड़ी सी हवन सामग्री, शक्कर, शुद्ध घी में डुबोकर लौंग का जोड़ा, काले तिल एवं पीली सरसों रखें व दूसरे पान के पत्ते से उस पत्ते को ढक दें और जिस स्थान पर आपने धातुयें दबाई हैं, उस स्थान से ही परिक्रमा आरम्भ करें।
प्रत्येक परिक्रमा में आप एक बताशा अग्नि में डालते हुये ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें। इस प्रकार आपको सात बार परिक्रमा देती है। अन्तिम परिक्रमा समाप्त होने पर पान के पत्ते की सारी सामग्री होलिका में अर्पित कर दें तथा प्रणाम कर वापिस आ जायें। अब अगले दिन आप नये पान के पत्ते वाली सारी नई • सामग्री ले जाकर जो धातुयें आपने दबाई हैं उनको निकाल लें। पान के पत्ते की सामग्री उस गड्ढे में रख कर लाल गुलाल से गड्ढा पूर कर तीन अगरबत्ती उस स्थान पर लगाकर प्रणाम कर आ जायें। अब किसी सुनार से तीनों धातुओं को मिलाकर अपनी मध्यमा अंगुली के माप का छल्ला बनवा कर 15 दिन बाद आने वाले गुरुवार शुक्लपक्ष के को धारण कर लें। जब तक आपके पास यह छल्ला रहेगा तब तक आप कभी भी आर्थिक संकट में नहीं आयेंगे, ऐसा मेरा विश्वास एवं अनुभव है।
विशेष- यहां मैं पुनः पाठकों का ध्यान इस तरफ दिलाना चाहता हूं कि अगर होलिका दहन के स्थान पर तीनों धातुयें दबाना सम्भव न हो तो इसे भी होलिका की राख लाकर उसमें दबा दें। इसमें भी यह ध्यान रखना है कि होलिका की राख और धातुओं को अपने घर से बाहर ही रखना है। इसके बाद ही समस्त क्रियायें उपरोक्त अनुसार ही करें। दूसरे दिन तीनों धातुयें निकाल कर छल्ला बनवा लें। ऊपर बताये उपाय में सम्भव है कि कुछ लोगों को समस्यायें आयें। इस कारण आपका उपाय भी होना संदिग्ध हो सकता है। इसमें प्रमुख बात यह है कि तीन धातुयें जो आपने छल्ला बनवाने के लिये प्राप्त की हैं, उनका दूसरे दिन मिलना आवश्यक है। होलिका दहन वाले स्थान पर दबाने से अगर किसी भी कारण से दूसरे दिन यह धातुयें आपको नहीं मिलती हैं तो आपका प्रयोग विफल हो जायेगा। अगर आप समझते हैं कि होलिका दहन वाले स्थान के पास आप गड्ढा खोद कर यह उपाय सफलतापूर्वक कर सकते हैं तो पहले बताये अनुसार ही करें।
होली पर किये जाने वाले धन प्राप्ति के उपाय -2
